कालसर्प दोष निवारण पूजा

यदि कि सी जातक के लिए काल सर्प योग का प्रभाव बेहद अनिष्टकारी हो तो उसे दूर करने के लिए विभिन्न तरह के उपाय भी किये जा सकते हैं। हमारे ज्योतिष शास्त्रों में ऐसे सारे उपायों के बारे में बताया गया है, जिनके द्वारा हर तरह की ग्रह-बाधाएं व दोषों को शांत किया जा सकता है।

आईये जानते हैं काल सर्प योग दूर करने के कुछ आसान उपाय 

यदि पति-पत्नी के बीच निजी ज़िन्दगी में क्लेश हो रहा हो, तो आप भगवान श्रीकृष्ण या बाल गोपाल की मूर्ति जिसमें उन्होंने सिर पर मोरपंख वाला मुकुट धारण किया हो वैसी प्रतिमा को अपने घर में स्थापित कर प्रति‍दिन उनकी पूजा-अर्चना करें। साथ ही ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय या ऊँ नमो वासुदेवाय कृष्णाय नम: शिवाय मंत्र का जाप करे। ऐसा नियमित रूप से करने से कालसर्प दोष की शांति होगी।
यदि काल सर्प योग की वजह से रोजगार में परेशानी आ रही है या फिर रोजगार नहीं मिल पा रहा हो तो आप पलाश के फूल को गोमूत्र में डुबो कर उसे बारीक करें। फिर इसे छाँव में रखकर सुखाएँ। अब इसे चूर्ण बना लें और चंदन पाउडर के साथ मिलाकर शिवलिंग पर त्रिपुण्ड का आकार बनाएँ। ऐसा करने से 21 दिन या 25 दिन में आपको नौकरी अवश्य मिलेग‍ी।
यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसे रोज़ाना भगवान शिव के परिवार की पूजा करनी चाहिए। इससे आपके सारे रुके हुए काम होते चले जाएँगे।
यदि आपको शत्रु से भय है, तो चाँदी या ताँबे के सर्प बनवाएं और उसकी आँखों में सुरमा लगाकर किसी भी शिवलिंग पर चढ़ा दें, ऐसा करने से व्यक्ति का भय दूर होता है और छुपे हुए शत्रुओं का भी नाश होता है।
शिवलिंग पर रोज़ मीठे दूध में भाँग डालकर चढ़ाएँ। ऐसा करने से गुस्सा शांत होता है,और जातक को तेजी से सफलता मिलने लगती है।
नारियल के गोले में सात प्रकार का अनाज, उड़द की दाल,गुड़, और सरसों भर लें। अब उसे बहते हुए पानी या फिर नाले आदि के गंदे पानी में बहा दें। ऐसा करने से आपका चिड़चिड़ापन दूर हो जायेगा। इस प्रयोग को आप राहूकाल के समय करें।
कालसर्प दोष के लिए सबसे आसान उपाय- जिस भी व्यक्ति पर कालसर्प दोष हो उसे श्रावण मास में रोज़ाना रूद्र-अभिषेक करना चाहिए और प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के जीवन में सुख शांति अवश्य आएगी और उसके रूके काम होने लगेंगे।