ग्रहों के अनुसार विवाह समय का निर्णय

सप्तम भाव के स्वामी ग्रहों के अनुसार विवाह समय का निर्णय


1. अगर सप्तम भाव का स्वामी सूर्य हों तो व्यक्ति का विवाह 24 से 26 वर्ष के मध्य होने की संभावना बनती है. 

2. चन्द्र सप्तमेश होने पर व्यक्ति का विवाह 21 से 22 वें वर्ष के मध्य होने का योग बनाता है. 

3. मंगल सप्तमेश हो तो 24 से 27 के मध्य की आयु में विवाह संभव है. 

4. बुध सप्तमेश होने पर 28 से 30 की आयु में विवाह का योग बनता है. 

5. जिस व्यक्ति की कुण्डली में गुरु सप्तमेश हो उस व्यक्ति का विवाह 22 से 24 वर्ष की आयु में होने की संभावना बनती है. 

6. शुक्र के सप्तमेश होने पर 21 से 23 वर्ष की आयु में विवाह हो सकता है. 

7. शनि सप्तमेश होने पर 30 वर्ष के पश्चात विवाह होने की उम्मीद रहती है. 

इन योगों में ग्रहों की स्थिति के अनुसार विवाह समय में परिवर्तन हो सकता है. अगर सप्तमेश उच्च हो, बलवान हो, शुभ ग्रहों के प्रभाव में हो तथा अशुभ ग्रहों के पाप प्रभाव से मुक्त हो तो विवाह की आयु में परिवर्तन होना संभव है।